बाजै छै झीणा-झीणा धिन मेगरीखो रा वीणा।।

बाजै छै झीणा झीणा,धिन मेगरीखो रो वीणा।।
सुत्रकार सिंधु में सोही, महाधर्म पद लिना।
खम्मा घणी महाराज मेघ,दान अमोलक दीना।।
दया प्रेम तप धार घणेरा, ठोड़-ठोड़ पग दिना।
शुरा संत सदाई रिखिया, प्राण न्योछावर किना।।
अमर है उपदेश रीखो रा, जुग-जुग जम्मा दिना।
बाबा रामदेव डाली बाई,ऐ जोर बजाया वीणा।।
पूरण पाठ ज्ञान रो गुगल,अणभै आखर दिना।
पंचशील रा नेजा लहरे,ज्योत जगै प्रवीणा।।
भक्ति शक्ति साधना रिख,विरला संतो चिन्हा।
मेघवंशी रिख रामचन्द्र, अमर बधावा किन्हा।।
बाजै छै झीणा..........
खम्मा घणी महाराज मेघ,दान अमोलक दीना।।
दया प्रेम तप धार घणेरा, ठोड़-ठोड़ पग दिना।
शुरा संत सदाई रिखिया, प्राण न्योछावर किना।।
अमर है उपदेश रीखो रा, जुग-जुग जम्मा दिना।
बाबा रामदेव डाली बाई,ऐ जोर बजाया वीणा।।
पूरण पाठ ज्ञान रो गुगल,अणभै आखर दिना।
पंचशील रा नेजा लहरे,ज्योत जगै प्रवीणा।।
भक्ति शक्ति साधना रिख,विरला संतो चिन्हा।
मेघवंशी रिख रामचन्द्र, अमर बधावा किन्हा।।
बाजै छै झीणा..........
💐लेखक:- रामचंद्र कड़ेला(रामसा) हँसादेश लोहावट जोधपुर💐