सौ सौ बार बारम्बार, बाबा साहेब अम्बेडकर जी पर अंकित कुछ पंक्तियों



सौ सौ बार बारम्बार, वारी जावा भीम ने ।
वारी जावा भीम ने , बलिहारी जावा भीम ।।
शिक्षित हो संघर्ष कियो, वो संगठन ने साकार ।
शिक्षित हो संघर्ष कियो, वो संगठन ने साकार ।
ज्यारी पांवन प्रेरणा से, घर-घर मंगलाचार ।।
भारत ने संविधान दियो, दे समता रो अधिकार ।
भारत भाग्य विधता, वे किन्हा जंन उद्धार ।।
बुद्ध सरीखो ज्ञान दियो,कर धम्म को प्रचार ।
मनुवाद रे पाखंड माथे, कीन्हो वे प्रहार ।।
मानवता रो पाठ पढ़ायो, महामानव अवतार ।
ऐसो भीम होयो न होसी,जग में दूजी वार ।।
बाबा साहेब भीमराव री, महिमा अपरम्पार ।
कहे मेघ रिख रामचन्द्र, ना भुला उपकार ।।
भारत ने संविधान दियो, दे समता रो अधिकार ।
भारत भाग्य विधता, वे किन्हा जंन उद्धार ।।
बुद्ध सरीखो ज्ञान दियो,कर धम्म को प्रचार ।
मनुवाद रे पाखंड माथे, कीन्हो वे प्रहार ।।
मानवता रो पाठ पढ़ायो, महामानव अवतार ।
ऐसो भीम होयो न होसी,जग में दूजी वार ।।
बाबा साहेब भीमराव री, महिमा अपरम्पार ।
कहे मेघ रिख रामचन्द्र, ना भुला उपकार ।।
💐लेखक :-,रामचन्द्र कड़ेला हँसादेश लोहावट💐