युवा जन एक-दूसरे के खिंच रहे पाँव ALL NEWS HINDI MEDIA

भारत के  पुराने समय मे लगभग लोगो का कहना है। पुराने समय मे एक दूसरे के मदद के लिये कई k.m से आ जाते थे । उस समय जात पात तो थी पर आज जैसी नही आज कल के युवा पीढ़ी पढ़ाई के बाद अगर नोकरी लगे तो ठीक है। नही तो गाव के उस गैंग में शामिल होतो है। जो अपने आप पर विश्वास नही करते बल्कि दूसरो के नाम पर अपनी अनजान ताकत बनाते है। एक दूसरे अपने अपने नेता के लिए लड़ते है वो ही लोग अगर गांव बुर्जग लोगो का कहना नही मानना वो अपने आप को कुछ समझो भी मत युवा वो युवा है। जो चुनाव या गाव के लोगो से आँख से आँख मिलाकर ना देख सखे 

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